Photography Blog of Satish Yadav.
गुड फोटो!
nice ....
ऐसी खामोश दोपहरी ...ऑफिस में बैठने वालों के लिए बड़ी खतरनाक होती है...इसका पता मुझे जब चला जब मैंने अपने खेत से छोटे भाई और पिताजी के साथ ४० कुंतल भूसा घर में ढोया.... :(
कल राते लौटे हैं गाँव से ई सब आँख में बसा के....बहुत बहुत आभार..
गुड फोटो!
ReplyDeletenice ....
ReplyDeleteऐसी खामोश दोपहरी ...ऑफिस में बैठने वालों के लिए बड़ी खतरनाक होती है...इसका पता मुझे जब चला जब मैंने अपने खेत से छोटे भाई और पिताजी के साथ ४० कुंतल भूसा घर में ढोया.... :(
ReplyDeleteकल राते लौटे हैं गाँव से ई सब आँख में बसा के....
ReplyDeleteबहुत बहुत आभार..