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Friday, December 7, 2012

परजातंतर




यह फोटो आज सुबह ही ऑफिस जाते वक्त मोबाइल से लिया जिसमें पीछे की दीवार पर वही अलबेली बातें लिखी हैं कि अरबों का घोटाला हुआ, इतने का उतना हुआ और रास्ते के ठीक दूसरे सिरे पर एक शख्स सो रहा है। वहीं दीवार की ओर ही थोड़ा ध्यान से देखेंगे तो तस्वीर के एक हिस्से में तेज उजाला भी पड़ रहा है जिसमें से किसी नेता का पोस्टर पर बना मुस्कराता चेहरा सड़क पर सोये शख्स को देख रहा है। वस्तुत: यही हो भी रहा है।


Saturday, September 24, 2011

उठान डगर


उठान डगर 

  मेरे घर के पास स्थित हनुमान मंदिर की सीढ़ियों पर कुछ वर्ष पूर्व चित्रकारी की गई थी। उन चित्रों में से कुछ को मैंने अपने कैमरे में कैद कर लिया। पांच-छह साल बाद वहां अब केवल काई लगी दीवार है, झाड़-झंखाड़ है। उन्हीं छायाचित्रों में से एक है यह छायाचित्र जिसमें मानव के विकास, उपर उठने की जिजिविषा दर्शाई गई है कि किस तरह मानव अपने मूल स्थिति से खुद  को उपर विकासक्रम में स्थापित करने हेतु सीढ़ी लाता है, और उपर उठना चाहता है कि तभी उसकी राह रोकने के लिये विषधर भी आ जाते हैं।

- सतीश पंचम 

Saturday, September 17, 2011

भोज्य तक पहुंचने की जद्दोजहद

धर्म, रोजगार, पूंजीवाद,  बहस मुबाहिसों  से घिरे  भोजन  तक पहुंचने की कवायद 
    
  मुंबई के कालाघोड़ा में प्रदर्शित एक कलाकृति....

 - सतीश पंचम

Monday, August 8, 2011

नॉस्टॉल्जिया Rocks......











मुंबई के काला घोड़ा फेस्टिवल के दौरान बासु चटर्जी की फिल्में दिखाई जा रही थीं। ऑफिस टाइम होने के कारण मैं इस फिल्म फेस्टिवल में शामिल तो न हो पाया लेकिन बाहर लगे चित्रों से पता चल जाता है कि कितना नॉस्टॉल्जिक माहौल रहा होगा.......

   - सतीश पंचम

Thursday, August 4, 2011

रास्ते पर यूँ भी कभी......

         आज सुबह ऑफिस जाते समय देखा दो बच्चे एक थाली में सांप की तरह का कुछ लिये हैं और रास्ते में एक महिला उनकी थाली में सिक्का डाल हाथ जोड़ रही है। देखते ही तुरंत जेहन में आया - ओह,  आज तो नागपंचमी है।
  हमारे पर्व त्योहार कभी कभी दूसरों के जरिये भी याद आ आते हैं :)







Tuesday, June 14, 2011

मुंबईया मानसून......





























मुंबई के फुटपाथ पर जमी गृहस्थी, घिरते बादल और झमाझम........

Saturday, June 4, 2011

'हसरती बैनर' और 'शुभ-फ़हमी'

India Against Corruption?

Huh.....

Who Cares ?

First,  Take a  शुभकामना मेरे दोस्त :)

       अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के वक्त जगह जगह ढेर सारे बैनर बड़ी हसरतों से लगाये गये थे.....India Against Corruption, Second Freedom struggle, India Awakened....bla bla bla.
 दिन बीते और उन बैनरों पर फिर से लद गये वही पुराने कोफ्त बढ़ाते हार्दिक शुभकामना वाले संदेसे।

      बाबा रामदेव को लेकर दिग्विजय सिंह ऐसे ही हवा में नहीं बोल रहे हैं फूँ...फाँ.... । उस शख्स को पता है कि चाहे बाबा रामदेव हों या अन्ना हजारे...... दो चार महीनों   में ही  सभी की परिणति इस India Against corruption वाले  'हसरती बैनर' सरीखी होनी है..... नेता  जमात पहले की तरह ही पुराने वाले बैनरों के उपर ही अपने को स्थापित करेंगे...... 'हार्दिक शुभ-कामनाएँ' निर्बाध रूप से बांटते रहेंगे और जनता ऐंवे ही करप्शन मिटने की 'शुभ-फ़हमी' पाले रहेगी।

 - सतीश पंचम